23/03/2021
(आज का विषय)
उसका बाजार की अर्थव्यवस्था
(एक चिंतन का विषय)
समस्या का व्यापक प्रलेखन और परिणाम निर्धारित करना मुश्किल है |
उपर्युक्त संदर्भ में समस्या का आंशिक सूचीकरण द्वारा वर्णन करने की कोशिश की जा रही है एवं समस्या कितनी गंभीर है इस पर प्रकाश डालने की पूरी कोशिश की गई है I
आधार स्वरूप तीन मुख्य विषय अति आवश्यक है l
पहला रोजगार के विषय पर दूसरा अक्षमता के विषय पर तीसरा संभावित समाधान एवं क्षेत्रवासियों का भाव प्रस्तुति l
उद्भव एवं विनाश की गाथा : -
अर्धशतक पूर्व बाजार की ऐतिहासिक कहानी कुछ और ही कहती है बाजार में कुछ व्यापारिक संगठनों द्वारा रचित एक अलग रूपरेखा देखने को मिलती है l
साधन और संसाधन -एक ही वक्त में मौजूद होना यह विशेषता रही है अंग्रेजो द्वारा बनाई गई पुरानी पुलिया एक अनोखी इतिहास को समेट हुई है, शायद यह मात्र एक पुलिया रही हो जो अद्वितीय प्रयोग में लाया जाता था यह रेलवे पुलिया तो थी ही जहां से रेलगाड़ी गुजरती थी एवं मार्ग अन्य साधन एवं संसाधन के रुप में प्रयोग किया जाता था l पुल के ठीक नीचे ही जलमार्ग भी था जहां से दूर-दूर तक के व्यापारी नगर में प्रवेश करते थे l रानीगंज नाम से जाने जाना वाला जगह अपनी बाजार की खूबसूरती की वजह से प्रसिद्ध था I जहां चावल और दाल की मंडी लगती थी, ट्रकों का आवागमन था , गल्ला मंडी भी लगती थी , रेलवे गोदाम भी थोड़ी ही दूर पर था समय के साथ धीरे धीरे सब कुछ लुप्त हो चुका है ना तो अब वहां बाजार लगता है और ना ही कोई गल्ला मंडी , ना ही बड़े व्यापारी आते और ना ही ट्रकों का आवागमन सब कुछ सुना सुना सा हो गया है
पुरानी पुलिया शायद और भार झेलने की काबिलियत ना रखती हो इस वजह से रेल विभाग ने यह निर्णय लिया की रेल मार्ग का प्रयोग अब वहां से नहीं होगा कुछ एक दशक पूर्व ही रेल विभाग ने अपनी जिम्मेदारी पूरी की एवं सूचित भी किया की पुल पर ज्यादा भार ना दिया जाए रेलवे ने एक नया पुल का निर्माण किया जहां से केवल रेलगाड़ी की निकलती है
वर्तमान में पुराना पुल एक स्थानीय और एक राजनीतिक विषय है क्योंकि अभी भी बचा हुआ बाजार यही लगता है मात्र कुछ ही लोग अब बाजार के दिन पैदल ही पुल पार करके आते हैं l पुल का रास्ता अभी भी दो चक्का वाली वाहन के लिए प्रयोग किया जाता है रेल विभाग ने पहले से चेतावनी दे रखी है कि आगे किसी भी घटना के लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती l
क्योंकि सड़क साधन हेतु बाजार में सीधा आने के लिए नवीन निर्माण नहीं हुआ लोग उसी फुल से आते और जाते रहते हैं यह वास्तव में एक चिंता का विषय है ना जाने पुरानी पुलिया कब तक लोगों का भार उठाएगी l रेल विभाग द्वारा अत्यंत गंभीर चेतावनी देने के बाद यह नगर वासियों के लिए एक चिंता का विषय बन चुका है एवं व्यापारिक संगठन एवं व्यापारी मंडल के उम्मीदवार एवं सदस्य दोनों के लिए ही विचार किया जाना चाहिए I
विश्लेषणात्मक श्रेणी मैं यह बताए जाने की कोशिश की जा रही है :
एक बाजार का हित उस बाजार में मौजूद संस्थाओं द्वारा कैसे रचा जाता है एवं अपने नवीन विचारों द्वारा कैसे बदलाव की एक नई सीढ़ी पर कदम रखा जा सकता है l यह व्यापारिक क्षेत्र में मौजूद नई युवा पीढ़ी एवं उनकी योग्यता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में नई फर्म और नया उद्योग आर्थिक नवीन नीति निर्माण शैली जो कि बाजार की विरासत प्रतिस्पर्धा की ताकत पूंजीगत श्रम संसाधनों का सर्वाधिक उत्पाद एवं गत्यात्मक दिशा दे सकें ऐसी क्षमता हमारी युवा पीढ़ी में है नगर का युवा खुद इतना योग्य है कि इस विषय पर चिंतन कर सकता है I
सूची के आधार पर बाजार की ताकत उस बाजार में मौजूद संसाधन के ऊपर निर्भर करता है दी गई सूचियों में आप विचार करने योग्य है
1-एक बाजार का औद्योगिक क्षेत्र होना जिसे इंडस्ट्रियल एरिया कहा जाता है l
2- ऐसा सड़क जो सीधे बाजार से जुड़ सकें उस मार्केट कनेक्टिंग रोड कहा जाता है l
3- एक कंपलेक्स होना अत्यंत आवश्यक है l
4- चावल दाल एवं गल्ला की मंडी का वजूद l
5- एक बड़े गोदाम का होना l
6- क्षेत्र में लेबर मार्केट का होना l
7- बाजार में समय समय के अंतराल पर रोजगार एवं व्यापार मेला लगाए जाना l
8 - प्रसार शिक्षा द्वारा बैंक अधिकारी कोऑपरेटिव सेल्फ हेल्प ग्रुप एनजीओस का एक ही मंच पर आकर नई योजनाओं के बारे में जानकारी साझा करना l
9 - सुलभ शौचालय का होना l
10 -पार्किंग स्पेस एवं वर्कस्पेस का होना l
उपर्युक्त संदर्भ में दिए गए सभी चीज एक भाव प्रस्तुति है जिसको आज की युवा पीढ़ी को सूचना अत्यंत आवश्यक है कैसे एक बाजार की रूपरेखा तय हो इसके बारे में विचार करें l
धन्यवाद
मनीष कुमार जायसवाल ( गोल्ड मेडलिस्ट )
स्नातकोत्तर : प्रसार शिक्षा एवं ग्रामीण विकास
अवध विश्वविद्यालय , अयोध्या