23/08/2026
बदलते बिहार की हकीकत, हर जिले में एयरपोर्ट बनवाया जा रहा है, और मरीज़ के लिए, एक स्ट्रेचर नहीं है।
अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिला, मां कंधे पर बीमार बच्ची को लेकर भटकती रही
बेतिया: बदलते बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े-बड़े दावों के बीच बेतिया GMCH से सामने आया एक वीडियो अस्पताल की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है। वायरल वीडियो में एक मां अपनी 11 वर्षीय बीमार बच्ची को कंधे पर उठाकर अस्पताल परिसर में भटकती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए GMCH लाया गया, लेकिन उसे ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला।
बच्ची की पहचान 11 वर्षीय सयाना खातून के रूप में बताई जा रही है। उसके पिता नजीर अंसारी हैं और परिवार चनपटिया थाना क्षेत्र के महना गांव का रहने वाला बताया गया है।
करीब 850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार GMCH में अगर एक बीमार बच्ची के लिए उसकी मां को स्ट्रेचर तक नहीं मिलता, तो अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठना लाजिमी है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था और कर्मचारियों की कमी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने वीडियो देखने की बात कही है। उन्होंने कर्मचारियों की कमी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना जताते हुए मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है
।अब सवाल है—करोड़ों का अस्पताल तो बन गया, लेकिन मरीज को स्ट्रेचर कब मिलेगा?
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