06/03/2026
आनंद शर्मा को राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर उन्होंने कहा " में यह नहीं कहूंगा कि में निराश हु, लेकिन राजनीति में स्वाभिमान बहुत महंगा होता है इसकी कीमत चुकानी पड़ती है"।
जिस स्वाभिमान की कीमत का आंकलन हॉलीलॉज (विक्रमादित्य सिंह) नहीं लगा पाए उस का सटीक विश्लेषण आनंद शर्मा ने चंद शब्दों में किया हैं ,
आनंद शर्मा को उमीदवार ना बनाने पर कांग्रेस दिल्ली से लेकर हिमाचल तक इतनी खुश नजर आ रही मानो बीजेपी को हरा दिया ।
इए साफ दिखाई दे रहा कि कांग्रेस के भीतर खाते में बड़े लेवल में खिचड़ी पक रही ,
खिचड़ी में मसाला कितना तेज रखना हैं इए आनंद शर्मा के हाथ में हैं । चूंकि होलीलॉज का नाम पांच साल बीत जाने तक होलिकॉज के लोग भी भूलने के कगार पर हैं ।
इए सृष्टि का नियम है कि अगर आप से बेहतर कोई मिलता हैं तो वो भूल जाता हैं कि आप ने उस के लिए क्या दिया और क्या खोया आप किसी को खुश तब तक नहीं रख सकते जब तक कि आप के पास पावर नहीं हैं ।
अभी कांग्रेस पार्टी हिमाचल में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही हैं चूंकि इस लिए की तीन साल हो गए वर्तमान सरकार के सुक्खू जी के लिए जितना असंतोष जनता के लिए था वो अब लोग धीरे धीरे भूलते जा रहे हैं ।
सब के मन में अब इए चला हैं छोड़ो कुछ नहीं होने वाला ,
राजनीति में जब असंतोष अधिक बढ़ जाता हैं तो या तो राजा को कुर्सी छोड़ने पड़ती हैं या उस राजा को जनता के मस्तिष्क के साथ खेलना आता हैं।
सुक्खू जी जनता के भावनाओं के साथ बिलकुल सटीक तरीके से खेल रहे हैं ।
कांग्रेस पार्टी में छवि बनाने के लिए अनुराग शर्मा को टिकट दिया । जिस से पार्टी के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
दौड़ में सभी नेताओं को इस बात को लेकर तसल्ली दी कि हाइकमान का फैसला हैं ।
जिस का जीता जागता उदाहरण आनंद शर्मा हैं ।