23/07/2026
शून्य से शिखर तक का सफर: सफलता का मंत्र!
क्या सफलता केवल मेहनत से मिलती है या किस्मत का भी इसमें हाथ होता है? IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल जी ने C News के मंच पर अपने जीवन के अनुभवों और व्यापारिक यात्रा के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया है।
इस विशेष बातचीत के मुख्य बिंदु:
* गुरु और संस्कार: जीवन में माता-पिता और गुरुओं की भूमिका, जिन्होंने कठिन समय में सही रास्ता दिखाया।
* चुनौतियों का सामना: फैक्ट्री में आग लगने जैसी बड़ी मुश्किलों में "रोने से, विलाप करने से कुछ नही होगा"।
* युवाओं के लिए संदेश: असफलता से घबराएं नहीं; यह आपके लिए एक नया रास्ता खोलने का संकेत है। बस धैर्य रखें और अपने फोकस के साथ काम करते रहें।
* आत्मनिर्भर भारत का विज़न: 'Make in India' को बढ़ावा देना, आयात कम करना और कौशल विकास (Skill Development) के जरिए भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना।
* स्वरोजगार (Self-employment): पहले आईटी व अन्य सेवा क्षेत्रों के कई युवा विदेशों में बेहतर अवसरों के लिए बस जाते थे, जिससे अनेक परिवार न्यूक्लियर फैमिली बन गए और बुजुर्ग माता-पिता अकेले रह गए। अब माननीय प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवा रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। श्री दिनेश गोयल के अनुसार, परिवार और कार्य के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अपने देश में रहकर रोजगार सृजित करना समाज और राष्ट्र—दोनों के लिए अधिक हितकारी है।
व्यवसाय, नेतृत्व और जीवन में संतुलन बनाए रखने के इन प्रेरणादायक सूत्रों को जानने के लिए पूरा वीडियो देखें।
https://youtu.be/XVpqeBCpTK0?si=8QruBG4fzm0yBbq2