26/08/2026
🔴 "दस वर्ष में 96 की मौत, 314 दिव्यांग... फिर भी लाइनमैन को जोखिम भत्ता नहीं!"
अजमेर डिस्कॉम (2016 से 2026 तक के आधिकारिक आंकड़े):
⚡ 410 तकनीकी कर्मचारी गंभीर विद्युत दुर्घटनाओं के शिकार हुए।
🕯️ 96 कर्मचारियों ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए (शहीद हुए)।
🦽 314 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी रूप से दिव्यांग/अपंग हो गए और आज भी शारीरिक पीड़ा झेल रहे हैं।
(स्रोत: पत्रिका एक्सक्लूसिव - प्रतापगढ़)
⚠️ सोचिए और विचार कीजिए...
राजस्थान सरकार द्वारा राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, आयुष, पशुपालन समेत कई अन्य विभागों के कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों व जोखिम के लिए विशेष भत्ते दिए जा रहे हैं।
लेकिन प्रदेश को 24 घंटे रोशन रखने वाले, कड़ाके की ठंड, भीषण गर्मी, आंधी-तूफान और आधी रात को 11KV/33KV व हाई-टेंशन लाइनों तथा ट्रांसफार्मरों पर चढ़कर जान जोखिम में डालने वाले विद्युत तकनीकी कर्मचारियों (लाइनमैन/तकनीकी संवर्ग) को आज तक हार्ड ड्यूटी अलाउंस (जोखिम भत्ता) से वंचित रखा गया है!
🔴 यह तो सिर्फ एक डिस्कॉम (अजमेर डिस्कॉम) के 10 वर्षों के 'आधिकारिक आंकड़े' हैं!
अगर धरातल के वास्तविक आंकड़े और संविदा/अन्य कर्मियों के आंकड़े जोड़ लिए जाएं, तो यह संख्या कहीं अधिक भयावह होगी।
📢 जल्द ही अन्य डिस्कॉम (जयपुर व जोधपुर डिस्कॉम) और प्रत्येक जिलेवार आंकड़े भी आपके बीच सार्वजनिक किए जाएंगे!
🗳️ जनता और बिजली कर्मचारियों से सीधा सवाल:
👉 क्या दिन-रात मौत से मुकाबला करने वाले विद्युत तकनीकी कर्मचारियों को 'हार्ड ड्यूटी अलाउंस / जोखिम भत्ता' मिलना चाहिए या नहीं?
💬 अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दर्ज करें और अपनी आवाज सरकार व प्रशासन तक पहुंचाएं!
📲 इस पोस्ट को सभी विद्युत कर्मचारियों और ग्रुपों में अधिक से अधिक शेयर करें ताकि हक की आवाज बुलंद हो सके!
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Heeralal Nagar Arti Dogra CMO Rajasthan Bhajanlal Sharma