28/06/2026
7- मुजफ्फरनगर मुठभेड़: 'साइको सीरियल रेपिस्ट' सतपाल उर्फ सत्तू ढेर, 4 महीने में 10 से ज्यादा नाबालिगों से दुष्कर्म का था आरोपी*
*मुजफ्फरनगर, -लुधियाना जेल से फरार होकर यूपी में फैला रहा था दहशत, 4 राज्यों की पुलिस को थी तलाश*
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में 23 जून की देर रात पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार रुपये के इनामी और 'साइको सीरियल रेपिस्ट' के नाम से कुख्यात सतपाल उर्फ सत्तू मारा गया। पैर में गोली लगने से घायल हुए इस शातिर की 24 जून को इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। लुधियाना जेल से फरवरी 2026 में फरार होने के बाद इसने महज 4 महीने में 10 से अधिक नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दिया था।
*1000 CCTV खंगालकर पकड़ा गया सुराग*
पुलिस के अनुसार 19 जून को सिविल लाइन थाना क्षेत्र से सतपाल उर्फ सत्तू एक नाबालिग युवती को अपनी होंडा ओरा कार से अपहरण कर ले गया था। परिजनों की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा संख्या 149/26 दर्ज किया गया। एसपी सिटी अमृत जैन के नेतृत्व में गठित 10 पुलिस टीमों ने करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान की। जांच में पता चला कि अपहरणकर्ता चंडीगढ़ निवासी सतपाल उर्फ सत्तू है, जिस पर 8 जिलों और 4 राज्यों में लूट, डकैती, रंगदारी, हत्या, हत्या का प्रयास और दुष्कर्म के 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
*कार से मिले हथकड़ी, हंटर और कंडोम*
23 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि सत्तू मुजफ्फरनगर क्षेत्र में देखा गया है। घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ में सत्तू ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में दो गोलियां लगीं। इलाज के दौरान 24 जून को उसकी मौत हो गई।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने सत्तू की होंडा ओरा कार की तलाशी ली। कार से एक पिस्टल, एक अवैध तमंचा, कारतूस, फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा हाथ बांधने वाली हथकड़ी, कंडोम और पिटाई के लिए इस्तेमाल होने वाला हंटर भी मिला। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि बरामद सामान से स्पष्ट है कि आरोपी नाबालिग लड़कियों को यातनाएं देकर दुष्कर्म करता था। वह 'लूडोफाइल' प्रवृत्ति का साइको अपराधी था।
*रणजी खिलाड़ी से बना कुख्यात अपराधी*
जांच में खुलासा हुआ कि 2010 में मेरठ पुलिस ने पहली बार सत्तू को गिरफ्तार किया था। उस समय उसने दावा किया था कि वह पंजाब की ओर से रणजी ट्रॉफी में दो लीग मैच खेल चुका है। बाद में पता चला कि उसका संबंध छोटा राजन गैंग से भी था। मेरठ जेल से रिहा होने के बाद उसने अपनी पत्नी मोना के प्रेमी की हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद से ही उसका परिवार उससे दूरी बनाने लगा था। पत्नी मोना और दो बच्चे पंजाब के राम दरबार में रहते हैं।
15 साल तक विभिन्न जेलों में बंद रहने के बाद फरवरी 2026 में वह लुधियाना जेल से फरार हो गया था। फरार होने के बाद उसने पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड की नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।
*परिजनों ने जताया पुलिस का आभार*
सत्तू की मौत की सूचना परिजनों को दी गई। एसपी सिटी के अनुसार परिजनों ने कहा कि सत्तू की आपराधिक गतिविधियों के कारण परिवार को लगातार पुलिसिया कार्रवाई और सामाजिक बदनामी झेलनी पड़ रही थी। उन्होंने मुजफ्फरनगर पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।
एसपी सिटी ने कहा कि मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। पुलिस अब सत्तू से जुड़े अन्य साथियों और पीड़ित लड़कियों की पहचान में जुटी है।