02/09/2026
कभी-कभी प्रकृति का एक पल, वर्षों की खुशियाँ छीन लेता है। नेपाल में आई इस त्रासदी ने न जाने कितने परिवारों को अपनों से जुदा कर दिया। यह केवल नेपाल का दुःख नहीं, बल्कि पूरी मानवता का दर्द है।
मेरी यह कविता उन सभी परिवारों को समर्पित है जिन्होंने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोया या संकट का सामना किया। आइए, हम सब उनके लिए प्रार्थना करें और जहाँ संभव हो, सहायता का हाथ बढ़ाएँ।
यदि यह कविता आपके दिल को छू जाए, तो इसे आगे साझा करें ताकि इंसानियत और संवेदनशीलता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे।
🙏 ईश्वर सभी दिवंगत आत्माओं को शांति दें और प्रभावित परिवारों को शक्ति प्रदान करें।
✍️ स्वरचित — रुचि मिश्रा