बाग बगीचा

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पूरे ब्रह्मांड में इंसान ही शायद ऐसा प्राणी है, जो बड़े-बड़े पेड़ से कागज बनाता है और फिर उसी कागज पर "पेड़ बचाओ" के नारे ...
27/08/2026

पूरे ब्रह्मांड में इंसान ही शायद ऐसा प्राणी है, जो बड़े-बड़े पेड़ से कागज बनाता है और फिर उसी कागज पर "पेड़ बचाओ" के नारे लिखता है। यह बात हमें सोचने पर मजबूर करती है कि पर्यावरण के लिए सिर्फ संदेश देना काफी नहीं है, बल्कि अपनी आदतों में बदलाव लाना सबसे ज्यादा जरूरी है। कागज की बर्बादी कम करें, जरूरत के अनुसार ही प्रिंट लें और सभी लोग अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं। प्रकृति हमारी जरूरतों को पूरा करती है, इसलिए उसकी रक्षा करना भी हम सबकी की जिम्मेदारी है।

कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 24 अगस्त 2026 को विभाग ने कुछ बड...
27/08/2026

कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 24 अगस्त 2026 को विभाग ने कुछ बड़े ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की है क्योंकि वहां धतूरा के फल और बीजों को खाद्य सामग्री के रूप में लिस्ट किया गया था। धतूरा का फल या बीज हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। इन प्लेटफॉर्म्स को निर्देश भी दिया है कि वे इसे तुरंत अपनी साइट से हटाएं। ग्राहकों को भी सलाह दी जाती है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध सामग्री के सेवन से बचें और केवल प्रमाणित खाद्य पदार्थों का ही उपयोग करें।

आंवला का पेड़ पोषक तत्वों से भरपूर फल देता है, जिसमें विटामिन C और फाइबर बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसे संतुलित ...
27/08/2026

आंवला का पेड़ पोषक तत्वों से भरपूर फल देता है, जिसमें विटामिन C और फाइबर बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से प्रतिरक्षा तंत्र को सामान्य रूप से सहयोग मिल सकता है और पाचन हमेशा बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। आंवला के फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी हो सकते हैं। कुछ शोध आंवले के सेवन को ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के बेहतर प्रबंधन से भी जोड़ते हैं। हालांकि, आंवला किसी बीमारी का इलाज नहीं है और दवाओं का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

गमलों से निकली हरी घास को कचरे में फेंकने के बजाय प्राकृतिक खाद बनाने में इस्तेमाल करें। घास को पानी से भरी बाल्टी में क...
27/08/2026

गमलों से निकली हरी घास को कचरे में फेंकने के बजाय प्राकृतिक खाद बनाने में इस्तेमाल करें। घास को पानी से भरी बाल्टी में करीब 5 दिन तक भिगोकर रखें। इसके बाद इस ऑर्गैनिक खाद की घोल को अच्छी तरह छान लें और इसमें बराबर मात्रा में साफ पानी मिलाएं। अब इस तैयार घोल को हर 30 दिन में इसी तरह बनाकर अपने सभी पौधों की मिट्टी में डाल सकते हैं। इससे मिट्टी में कुछ पोषक तत्व बढ़ते हैं और पौधों की वृद्धि में मदद मिलती है। सही धूप, पानी और देखभाल के साथ आपके पौधों में स्वस्थ पत्तियां, फूल और फल बेहतर तरीके से विकसित होते हैं।

सागौन का पेड़ अपनी बड़ी और घनी हरी पत्तियों के कारण वातावरण में हरियाली और छाया बढ़ाने में बहुत उपयोगी है। इस पेड़ के पत्...
27/08/2026

सागौन का पेड़ अपनी बड़ी और घनी हरी पत्तियों के कारण वातावरण में हरियाली और छाया बढ़ाने में बहुत उपयोगी है। इस पेड़ के पत्ते धूल-कणों को रोकने में बहुत मदद करते हैं और यह पेड़ कार्बन को अवशोषित करता है। सड़क किनारे और पार्कों में यह गर्मी से राहत देने वाली छाया प्रदान करता है। सागौन पेड़ की लकड़ी भी बेहद उपयोगी और टिकाऊ मानी जाती है। हालांकि इस पेड़ को लगाने के लिए पर्याप्त स्थान जरूरी है। उचित जगह पर अधिक पेड़ लगाना हरियाली और बेहतर पर्यावरण के लिए बहुत ही अच्छा कदम हो सकता है।

सवा घास धान के खेतों में मिलने वाला एक महत्वपूर्ण खरपतवार है, जिसकी शुरुआती अवस्था में इसकी पहचान करना बड़ा ही मुश्किल हो...
26/08/2026

सवा घास धान के खेतों में मिलने वाला एक महत्वपूर्ण खरपतवार है, जिसकी शुरुआती अवस्था में इसकी पहचान करना बड़ा ही मुश्किल हो सकता है क्योंकि यह धान के पौधे जैसी ही दिखाई देती है। यह धान के खेत में बहुत तेजी से बढ़कर किसानों के धान के पौधों की वृद्धि प्रभावित कर सकती है और पानी, पोषक तत्व तथा धूप की उपलब्धता कम कर सकती है। अगर समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए, तो मुख्य फसल कमजोर हो सकती है और उपज में भी काफी कमी आ सकती है। इसलिए शुरुआती अवस्था में ही इसकी पहचान और उचित नियंत्रण करना बेहद जरूरी है।

IAS तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA की टीम ने मुंबई के एक आउटलेट पर खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ी जांच की। निरीक्षण के दौरा...
26/08/2026

IAS तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA की टीम ने मुंबई के एक आउटलेट पर खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ी जांच की। निरीक्षण के दौरान उस आउटलेट के किचन में कथित तौर पर जिंदा कॉकरोच और खराब होता हुआ सब्जी, भोजन मिलने की बात सामने आई। इसके तुरंत बाद ही संबंधित आउटलेट के परमिट पर कार्रवाई करते हुए उसे तुरंत ही सस्पेंड कर दिया गया। यह घटना खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और सुरक्षित सब्जी, भोजन की अहमियत को दिखाती है। सभी ग्राहकों को भी भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर हमेशा जागरूक रहना चाहिए।

दिल्ली की ITO स्थित पौधे वाली सरकारी नर्सरी से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपना दिल्ली वाला आधार कार्ड दिखाकर 3-4 औषधीय ...
26/08/2026

दिल्ली की ITO स्थित पौधे वाली सरकारी नर्सरी से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपना दिल्ली वाला आधार कार्ड दिखाकर 3-4 औषधीय पौधे मुफ्त लेने की सुविधा बताई जा रही है। यह पहल पर्यावरण और शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए एक बहुत ही अच्छी पहल है। अगर आप जिस दिन भी पौधे लेने जाएं, तो अपना थैला साथ जरूर ले जाएं। घर, बालकनी या छत पर पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाई जा सकती है। ऐसी पहल लोगों को पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित करती है और हमारे प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी मजबूत बनाती है।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर क्षेत्र में बहुत लंबे समय से जलजमाव की समस्या स्थानीय लोगों के लिए बहुत परेशान...
26/08/2026

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर क्षेत्र में बहुत लंबे समय से जलजमाव की समस्या स्थानीय लोगों के लिए बहुत परेशानी का कारण बनी हुई है। चार साल से समस्या का सामना कर रहे ग्रामीणों और महिलाओं ने अपनी बात ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़क पर धान रोपकर अनोखा विरोध दर्ज कराया। लगातार पानी भरे रहने से लोगों की आवाजाही, बच्चों की पढ़ाई और सभी लोगों के दैनिक जीवन काफी ज्यादा प्रभावित होने की बात सामने आई है। यह घटना दिखाती है कि लोगों के बुनियादी समस्याओं का समय पर समाधान कितना ज्यादा जरूरी है और स्थानीय स्तर पर संवाद और सहयोग से बेहतर रास्ते निकाले जा सकते हैं।

बेंगलुरु के पास एक महिला ने पूरी तरह सूखी और बंजर पड़ी जमीन को प्राकृतिक तरीकों, मेहनत और अपनी समझदारी से एक हरे-भरे For...
26/08/2026

बेंगलुरु के पास एक महिला ने पूरी तरह सूखी और बंजर पड़ी जमीन को प्राकृतिक तरीकों, मेहनत और अपनी समझदारी से एक हरे-भरे Forest Farm में बदल दिया। उन्होंने मिट्टी की नमी बनाए रखने और जमीन की प्राकृतिक क्षमता लौटाने पर ऑर्गैनिक तरीकों का ध्यान दिया। आज वही बंजर जमीन पर बहुत सारे पपीता, अनार और नींबू जैसे फलदार पेड़ उग रहे हैं। कभी बेजान दिखने वाली यह जमीन अब हरियाली, पेड़ों और जीवन से पूरी तरह भर गई है। यह पहल दिखाती है कि सही देखभाल और प्रकृति के अनुकूल तरीकों से बंजर जमीन भी फिर हरी-भरी हो सकती है।

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