26/07/2026
🌿 क्या इस सावन भगवान शिव को बाज़ार के फूल चढ़ाएँगे... या अपने हाथों से उगाए हुए? 🙏💚
सोचिए... सुबह की पहली किरण, आपके टेरेस या बालकनी में खिले ताज़े फूल, और वही फूल सीधे भोलेनाथ के चरणों में अर्पित हों... इस एहसास की बात ही अलग है। 🌸🕉️
👉 "लोग कहते हैं ये फूल मत चढ़ाओ... सच क्या है?"
अगर अभी तक आपने ये पौधे नहीं लगाए हैं, तो सावन इनके लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।
🌼 धतूरा
🌼 आक (मदार)
🌼 सफेद व नीली अपराजिता
🌼 मोगरा
🌼 बेला
🌼 चमेली
🌼 जूही
🌼 हरसिंगार (पारिजात)
🌼 सफेद कनेर
🌼 रजनीगंधा
🌼 गंधराज
🌼 चंपा
🌼 मधुकामिनी (कामिनी)
🌼 नागचम्पा
🌼 गुलाब
🪴 इनकी अच्छी ग्रोथ के लिए याद रखें:
✔️ पानी कभी भी गमले में रुका न रहे।
✔️ मिट्टी हल्की और अच्छी जलनिकासी वाली रखें।
✔️ हर 15–20 दिन में गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट दें।
✔️ सूखे फूल और टहनियाँ हटाते रहें ताकि नई शाखाएँ और ज्यादा फूल आएँ।
✔️ बेल वाले पौधों को सहारा देना न भूलें।
🌿 इस सावन सिर्फ पूजा ही नहीं, अपने घर को भी खुशबू और हरियाली से भर दीजिए। अपने हाथों से उगाए फूल अर्पित करने का आनंद सच में अलग होता है। 🌸🙏
📌 ध्यान दें: अलग-अलग क्षेत्रों, परिवारों में पूजा की परंपराएँ और स्थानीय मान्यताएँ भिन्न हो सकती हैं। अपने क्षेत्र की परंपरा के अनुसार ही फूल अर्पित करें।
🕉️ हर हर महादेव!